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अग्निशमन उपायों की अनदेखी का परिणाम, सुप्रीम कोर्ट दे सकता है कठोर निर्णय

Supreme courtएनयू संवाददाता :- 21 जनवरी, 2018 : दिल्ली के बवाना की एक फैक्ट्री में लगी आग से आज 17 लोगों की दर्दनाक मौत पिछले दिनों हुई मुंबई के कमला मिल हादसे की पुनरावृत्ति है। कमला मिल की आग से 14 निर्दोष लोगों की मौत को लोग भूले नही हैं।दरअसल देशभर में रिहायशी परिसरों, फैक्ट्रियों और रेस्टोरेंट में अग्निसुरक्षा के बंदोबस्तों की अनदेखी की जा रही है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में रिहायसी सोसायटियों और व्यायवासिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा उपायों का घनघोर उलंघन हो रहा है। Bawana fireअग्नि सुरक्षा बंदोबस्तों को लेकर मुंबई के एक गैर सरकारी संगठन जनहित मंच ने इस सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस संबंध में 22 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। मुंबई में बन रही सबसे बड़ी और ऊंची इमारत पैलेस रॉयल बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा की अनियमितताओं को लेकर जनहित मंच की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय में मामला चल रहा है। सुर्वोच्च न्यायालय ने इस बिल्डिंग के निर्माण पर फिलहाल रोक लगा रखी है। मुंबई महानगर पालिका एवं सरकार ने जहां केवल 43 मंजिला इमारत के निर्माण को मंजूरी दी थी वहां अब तक 52 मंजिलों का निर्माण किया जा चुका है। सबसे भयावह बात यह हैं कि बिल्डिंग में अग्नि-सुरक्षा को लेकर भारी कोताही बरती गई और सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया। माना जा रहा है कि दिनों दिन होने वाले ऐसे हादसों और चल रहे मामले के मद्देनज़र सर्वोच्च न्यायालय अग्निशमन उपायों को लेकर नए सिरे से दिशा निर्देश जारी कर सकता है। royal-palace-lower-parel-mumbai-residential-property-slide-3
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुशील अंतल का कहना हैं कि कमला मिल परिसर  और दिल्ली के बवाना इलाके की फैक्ट्रियों में लगी भीषण आग से भी अगर सरकार ने सबक नहीं लिया तो हजारों लोगों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। जनहित मंच का कहना हैं कि मुंबई में अन्य दूसरी इमारतों और परिसरों में भी उनके द्वारा सर्वेक्षण किया जा रहा है जहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। ऐसी सभी जगहों पर अग्नि सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त हेतु वे न्यायालय में दस्तक देंगे।

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