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Bus sewa shuru

नेपाल, भारत, बांग्लादेश और भूटान के बीच बस सेवा का परिक्षण शुरू

Bus sewa shuru                                                    बांग्लादेश की राजधानी ढाका से सिलीगुड़ी पहुंची दो यात्री बस 25 अप्रैल को सिलीगुड़ी से नेपाल की राजधानी काठमांडु के लिए रवाना हो गई.

उल्लेखनीय है कि सिलीगुड़ी के निकट नेपाल सीमा पानीटंकी से लेकर बांग्लादेश सीमा फूलबाड़ी तक एशियन हाइवे का निर्माण कार्य जोर-शोर से चल रहा है. इससे भारत, नेपाल तथा बांग्लादेश की सीमा जुड़ चुकी है. इसी रूट से ढाका-काठमांडु बस सेवा की शुरूआत की गई है. 24 अप्रैल को 56 यात्रियों को लेकर ढाका से दो बस सिलीगुड़ी पहुंची. भारत-बांग्लादेश सीमा फूलबाड़ी में इन यात्रियों का भव्य स्वागत किया गया. रातभर यात्री सिलीगुड़ी में ही रूके. 25 अप्रैल को सभी यात्री इन्हीं दोनों बसों में सवार होकर नेपाल की राजधानी काठमांडु रवाना हो गये.

इस बस में भारत के 11, नेपाल के छह तथा बांग्लादेश के 35 यात्री तथा अधिकारी सवार हैं. 25 अप्रैल की सुबह बस सिलीगुड़ी से पानीटंकी होते हुए नेपाल सीमा काकरभिटटा चली गई. वहां से भी बस को काठमांडु के लिए रवाना कर दिया गया है. प्रारंभिक तौर पर इस बस सेवा की शुरूआत की गई है. आने वाले दिनों भारत होकर ढांका-काठमांडु बस सेवा नियमित की जायेगी.

इस मौके पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बांग्लादेश रोड ट्रांसपोर्ट कोरपोरेशन के चेयरमैन मोहम्मद फरीद अहमद भुंइया ने कहा कि शीघ्र ही नियमित बस सेवा की शुरूआत की जायेगी. इससे न केवल आम यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि पड़ोसी देशों के साथ संबंध भी मजबूत होंगे.इससे पहले डिवीजनल कमिश्नर बरुण राय ने यात्रियों को सम्मानित भी किया.

उन्होंने कहा कि एशियन हाइवे बनने के बाद तीनों देशों के बीच न केवल यातायात व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, बल्कि रिश्ते भी काफी मजबूत हुए हैं. इस क्षेत्र में पर्यटन तथा उद्योग को भी काफी बढ़ावा मिलेगा. बरुण राय ने ही झंडी दिखाकर बस को काठमांडु के लिए रवाना किया.

समझौता 
बसों के दो बैच नेपाल की राजधानी काठमांडू से प्रस्थान करेंगे और दूसरा सिलीगुड़ी के मिनी सचिवालय से रवाना होगा। इस समझौते को भारत, नेपाल और बांग्लादेश ने मंजूरी दे दी है। भूटान अभी तक समझौते की प्रक्रिया में शामिल नहीं  हो सका है, मगर संभावनाएं जताई जा रही है कि वह जल्द इसमें शामिल होगा। अभी तक परीक्षण सेवा में केवल इन तीन देशों को शामिल किया गया है और मार्ग से जुड़ी कठिनाइयों और संभावनाओं को जानने के लिए किया गया है। बांग्लादेश रोड ट्रांसपोर्ट और औपचारिकताओं, सीमा चौकियों और अन्य सुविधाओं की जांच करेगी। नेपाल के शारीरिक बुनियादी ढांचे और परिवहन मंत्रालय के अंतर्गत सचिव गोविंदा प्रसाद खरेल के अनुसार, इससे न केवल हमारे सौहार्दपूर्ण संबंध विकसित होंगे। बल्कि संस्कृति, व्यापार और सार्वजनिक परिवहन भी विकसित हो सकेगा।

 

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