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व्यक्तिगत आजादी के मामले में नेपाल ने भारत व चीन दोनों को पीछे छोड़ा

निर्भय कर्ण :

ग्लोबल लीग टेबल ने विश्व के व्यक्तिगत आजादी से संबंधित देशों की सूची जारी की है। इस रिपोर्ट पर विश्वास किया जाए तो लक्सेमवर्ग द्वारा जारी की गई 149 देशों की सूची में नेपाल ने भारत व चीन दोनों को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में नेपाल 44वें स्थान पर है तो वहीं भारत 99वें और चीन 133वें स्थान पर है। जबकि बांग्लादेश (101) व पाकिस्तान (127) भारत से तो पीछे हैं लेकिन व्यक्तिगत आजादी के मामले में चीन से आगे हैं।

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इस प्रकाशित रिपोर्ट में राष्ट्र विकास को लेकर कानूनी अधिकार, खुद की आजादी और सामाजिक सहिष्णुता को आधार मानकर व्यक्तिगत आजादी के आकलन के आधार पर जानकारी दी गयी है। वार्षिक समृद्धि सूचकांक में कुल मिलाकर नौ श्रेणियों के लिए दुनिया भर में रहने के लिए सबसे अच्छे और सबसे खराब स्थानों के बारे में जानकारी देता है। जिसमें एक श्रेणी व्यक्तिगत आजादी की है।

वहीं नेपाल 2017 में इससे बेहतर स्थिति में था। 2017 में नेपाल 92वें स्थान पर था। जबकि भारत (97) और चीन (83) की भी स्थिति व्यक्तिग आजादी के मामले में 2017 के अपेक्षा 2018 में बिगड़ी ही है।

कनाडा पहले स्थान पर है। वहीं मिस्त्र की स्थिति बेहद खराब है और वह इस सूची में अंतिम स्थान यानि 149वें पायदान पर है। लेगाटम संस्थान द्वारा जारी किए गए शोध में टॉप टेन की सूची ब्रिटेन, अमेरिका और आस्ट्रेलिया शामिल नहीं हैं।

स्वास्थ्य  :

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ग्लोबल लीग टेबल के द्वारा विश्व के स्वस्थ और अस्वस्थ देशों की जारी सूची में चीन ने जहां नेपाल, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान को पछाड़ दिया है तो वहीं बांग्लादेश ने भी अपने पड़ोसियों यानि नेपाल, भारत, पाकिस्तान को स्वास्थ्य के मामले में पीछ़े छोड़ आगे निकल गया है। चीन 54वें, भारत 109वें, नेपाल 113वें, बांग्लादेश 100वें, पाकिस्तान 122वें स्थान पर है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हाल के दशकों में प्रगति के बावजूद स्वास्थ्य सुधार जमीनी रेखा से शुरू हो रहा है।

सिंगापुर पहले स्थान पर है, वहीं अफ्रीका महाद्वीप के देश सबसे नीचे स्थान पर हैं। लेगाटम संस्थान द्वारा जारी किए गए शोध में टॉप टेन की सूची ब्रिटेन, अमेरिका और आस्ट्रेलिया शामिल नहीं हैं।

इस प्रकाशित रिपोर्ट में स्वास्थ्य देखभाल की प्रणालियों, बीमारी के स्तर, मोटापे की दर और अन्य उपायों पर देशों में लिए गए फैसले पर जानकारी दी गई है। लंदन स्थित शिक्षा चैरिटी के रिसर्च के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया पश्चिमी देशों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है, रैकिंग में 12 वें स्थान पर है। इसके बाद न्यूजीलैंड (17वां), कनाडा (21वां), यूके (26वां) और अमेरिका (35 वां) हैं। वहीं शीर्ष दस स्वस्थ देशों की सूची में जापान, कतर, हांगकांग और संयुक्त अरब अमीरात (यूएइ) के रूप में शामिल है। स्विटजरलैंड, आस्ट्रिया, स्वीडन और नार्वे भी शीर्ष दस देशों की सूची में शामिल हैं।

वैश्विक स्तर पर लोगों की जिंदगी की गुणवत्ता बढ़ रही है लेकिन सबसे अच्छे और सबसे बुरे के बीच के अंतर पहले से कहीं अधिक व्यापक है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य, वित्त, राजनीति, शिक्षा और सुरक्षा और सुरक्षा में भारी असमानताएं देखने का मिल रही हैं। पूरे सूचकांक में ब्रिटेन को दुनिया का सातवां सबसे सफल देशों की सूची में शामिल है, लेकिन स्वास्थ्य के तौर पर बहुत पीछे है।

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